भोजली sms, हरेली sms, छेरछेरा sms, देवरी sms, दशहरा sms, देवउठनी एकादशी sms, तीजा पोरा के sms, अक्ती के sms, होलिका दहन के sms, होली के sms .... सब्बो sms येहि मेर मिलही
Tuesday, July 14, 2020
Monday, June 29, 2020
रेखराज साहू की कलम से
👉🏻🏠मोर घर-कुरिया के बन जा
👁️ देखईय्या अउ 1️⃣🔜
एक घांव बोल दे 📣सईंया,
🙎🏻♀️तोर इही😊 गोठ ल सुने
👂🏻बर कई➡️ जनम ले 🛐🔹
तरसत 😌😘हंव गुईयां !
....✍🏻 *®️Rekhraj sahu*
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
👉🏻👍🏻का मतलब 🙎🏻♀️❤️
असने तोर मया के
👉🏻जेन दू👩❤️👨 बांटा म
👩❤️💋👨 बँटाये हस , 🧐🤨
🚶🏻♂️एक ले ∆पीछा छुटे त
🏃🏻♀️दुसर म ∆जाके👬🏻
संटाये हस !
....✍🏻 *®️Rekhraj Sahu*
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
🤔कभू 👋🏻चटकन उबाहूँ त
😊मुस्कुरा के 👄गोठिया देबे ,🌹🌹
🤫🤭भुला जाहँव😡😏 रिस-पित ल
💓मया के गोठ🙎🏻♀️ गोठिया देबे !🌹🌹
....✍🏻 *®️Rekhraj sahu*
★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
💓मोला कछु ❣️झन देबे
मया❤️ के चिन्हारी🔹
तोर मया मोर बर
अमृत के💧💦 पानी हे,
👉🏻अउ तोर ❤️मया बिना
❌❌ ये मोर रानी
👉🏻"अलकरहा"👈🏻
मोर जवानी🧍🏻♂️ हे !
....✍🏻 *®️Rekhraj sahu*
Wednesday, June 17, 2020
Tuesday, May 5, 2020
Thursday, April 30, 2020
Sunday, September 1, 2019
इरा, पिरा
इरा, पिरा, खासी, खोखली लै जा रे नारबोध!
जेन घूर के देखय तेला बोदालपेन खाये रे नारबोध!
मरी, मसान टोनही टमानीन ले जा रे नारबोध!
आटस्प, वाटस्प, एस्बूक, फेसबूक ले जा रे नार बोध!
अब जी पब जी इन्स्टा फिन्स्टा ले जा रे नारबोध!
Friday, August 30, 2019
छत्तीसगढ़ में आकर डाक्टरों
कोई भी बाहर का डाक्टर छत्तीसगढ़ में आकर डाक्टरों की प्रैक्टिस नहीं कर सकता!
क्यों..?
क्योंकि, छत्तीसगढ़ के मरीज की बीमारी छत्तीसगढ़ के डाक्टर के अलावा कोई समझ ही नहीं सकता!
जैसे —
आमाजूरी होगे हे!
खस्सु होगे हे!
भीतर म आँधी कस उठत हे!
आँखी गड़त हे!
पेट जरत हे!
मूड़ पिरात हे!
पेट भडभाड़ात हे!
गुठुवा फूट गे हे!
मुँह टेड़गा होगे हे, लकवा मार देहे कस लागत हे!
लमचूची ढकार आवत हे!
कान टसटसात हे!
असकट लागत हे!
कान बोहात हे!
पेट ह गुडगुड़ात हे!
माथा भन्नात हे!
हाथ-गोड़ झुनझुनात हे!
ऐसी-ऐसी बीमारियाँ सुनकर, अच्छे-अच्छे MBBS डॉक्टर्स को भी अपनी डिग्री पर शक होने लगता है कि साला कहीं ये चैप्टर छूट तो नहीं गया था?
क्यों..?
क्योंकि, छत्तीसगढ़ के मरीज की बीमारी छत्तीसगढ़ के डाक्टर के अलावा कोई समझ ही नहीं सकता!
जैसे —
आमाजूरी होगे हे!
खस्सु होगे हे!
भीतर म आँधी कस उठत हे!
आँखी गड़त हे!
पेट जरत हे!
मूड़ पिरात हे!
पेट भडभाड़ात हे!
गुठुवा फूट गे हे!
मुँह टेड़गा होगे हे, लकवा मार देहे कस लागत हे!
लमचूची ढकार आवत हे!
कान टसटसात हे!
असकट लागत हे!
कान बोहात हे!
पेट ह गुडगुड़ात हे!
माथा भन्नात हे!
हाथ-गोड़ झुनझुनात हे!
ऐसी-ऐसी बीमारियाँ सुनकर, अच्छे-अच्छे MBBS डॉक्टर्स को भी अपनी डिग्री पर शक होने लगता है कि साला कहीं ये चैप्टर छूट तो नहीं गया था?
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